Saturday, March 3, 2012
ई-कचरे के खतरे
संस्कृति और विकास :
मित्रो दुनिया में कुल मिलाकर 249 देश है और हर देश की पहचान उसके संस्कृति से है , जैसा देश वैसा भेस , हर देश के लोग अलग है , हर देश का खान पान अलग है ,हर देश का रहन सहन अलग है , कुल 249 देशो में से कुछ ही देश ऐसे है जिनपे विदेशी ताकतों ने और बाहरी आक्रमंकरियो ने शासन न किया हो , जिन देशो की संस्कृति की जड़े कमजोर थी वो तो विदेशी ताकतों के शासनकाल में ही मिट गयी और जो संस्कृति ...बची उसने देश के आज़ाद होने के पश्चात उस देश की विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है ।
भारत की पहचान हिंदुवो से है , ऋषि मुनियों और सनातन धर्म से है , अगर ये मिट गयी तो भारत कभी भारत नहीं रहेगा, और अगर भारत की जड़े सनातन धर्म में बसती तो किसी के ये कहने से की भारत एक हिन्दुरास्त्र है किसी को क्या तकलीफ होती है , सनातन ने सर्व धर्म समभाव को अपनाया और बिना किसी भेद भाव के सबको यहाँ रहने की अनुमति दी और आज देश की मूल संस्कृति पर ही संकट आन पड़ा है , देश के आज़ादी के बाद भी इन पुरातन मूल्यों का हनन हुआ है तो देश तरक्की कहा से करेगा ।
अगर हम दुनिया के विकसित देश जैसे नोर्वे , नेदरलैंड , यूनाइटेड स्टेट की बात करे तो ते देश ये देश क्रमशः
१. नोर्वे - 17 may 1814 को swedish रूल से आज़ाद हुआ (
२. नेदरलैंड - 5 may को nazi germany के शासन से आज़ाद हुआ (
३. यूनाइटेड स्टेट - 4 july 1776 को kingdom of britain से आज़ाद हुआ ()
आज़ाद होने के बाद इन देशो ने सबसे पहले जिन मुलभुत चीजो की और ध्यान दिया वो है :
१ . अपनी भाषा शैली
२. अपनी शिक्षा व्यवस्था
३. अपनी शसक्त कानून
(ये तीनो चीजे शसक्त हो ये देश के पुरातन संस्कृति पर ही आश्रित है )
मित्रो ये तीनो मुलभुत चीजो को जिन देशो ने भी अपनाया है वो आज विकसित देश के नाम से जाने जाते है , अगर बात हम अपने देश भारत की करे तो 15 अगस्त 1947 को हम ब्रिटिश शासन से आज़ाद हुए , लेकिन आज भी हम जिस देश के गुलाम थे उनकी ही भाषा अंग्रेजी को अपनाये हुए है , मेकोले की बनायीं हुई शिक्षा व्यवस्था आज भी चल रही है हमारे देश में ,
अंग्रेजो के द्वारा ही बनायीं हुई संविधान के कानून का पालन करने पर मजबूर है हम , जो कानून अंग्रजो ने अपनी सहूलियत के लिए बनायीं थी इस देश में राज़ करने के लिए वो कानून आज भी चल रही है तो कोई न्याय की बात कैसे सोच सकता है , कुल मिलाकर देखा जाये तो हम आज भी गुलाम है , कोई आज़ादी नहीं आई है इस देश में ।
आज भी लोग यही सोच रहे है की केवल सत्ता परिवर्तन से देश चहुमुखी विकास करने लगेगा , कितने ग़लतफहमी में जी रहे है लोग , हां ये कह सकते है की इतने वर्ष शासन करने के बाद भी वर्तमान सरकार ने देश को ये दिया है जिससे आज भी आज़ादी के इतने सालो बाद भी भूख से मरना पड़ रहा था तो इस सरकार को जड़ से उखाड़ फेकना बहुत जरूरी है , ।
जय हिंद
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Friday, March 2, 2012
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